पाकिस्तानी लड़कियों की समस्याओं पर ग्राफिक उपन्यास

नई दिल्ली। पाकिस्तानी डिजाइनर, इलस्ट्रेटर और कलाकार आयशा तारिक के नये ग्राफिक उपन्यास में पाकिस्तानी लड़कियों की समस्याओं का जिक्र किया गया है। ‘सप्रेस्ड एंगर आॅफ दि पाकिस्तानी ओबिडियेंट डॉटर’ किताब (Books) में बताया गया है कि कई पाकिस्तानी घरों में किस तरह लड़कियों से अच्छे होने, शांत चित्त लगने, सुंदर दिखने की उम्मीद की जाती है और ऐसा करने के लिए उन्हें हर कीमत पर अपने गुस्से को दबाना होता है। आयशा ने कहा, लड़कियों से अकसर अच्छा होने, शांत चित्त लगने और सुंदर दिखने की उम्मीद की जाती है। अगर वे किसी को नाराज कर दें तो इसे गुनाह समझा जाता है। हमारा समाज और धर्म प्रभावशाली लोगों के सम्मान पर काफी जोर देता है। कई बार इससे एक विभाजन पैदा हो जाता है कि इससे या तो भय उपजता है या संवाद में एक बड़ी दूरी आ जाती है। शब्द बयां नहीं हो पाते। पेंगुइन बुक्स द्वारा प्रकाशित किताब (book) मूल रूप से आयशा की थीसिस थी। सारा नाम की लड़की किताब में मुख्य किरदार है। एक रूढ़िवादी शहरी परिवार की 17 साल की इस लड़की को घर का सारा काम करना पड़ता है, परिवार के लोगों को खुश रखना पड़ता है ताकि लोग उसके बारे में पीठ पीछे बात ना करें और हमेशा अच्छा दिखना होता है ताकि वह शादी के प्रस्तावों के लिए एक सही उम्मीदवार हो।

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