लोगों की गपशप की क्षमता से निकलती हैं हमारी कहानियां: विश्वनाथन

नई दिल्ली। जाने माने लेखक और समाज विज्ञानी शिव विश्वनाथन का मानना है कि शानदार कहानियों और किस्सागोई करने वालों का भारत का जखीरा के पीछे यहां के लोगों की गपशप करने की क्षमता ही है। विश्वनाथन ने अपनी नई किताब (Book) ‘थियेटर्स आॅफ डेमोक्रेसी: बिट्विन द एपिक ऐंड द एवरीडे’ उन चुनिंदा निबंधों का संग्रह है जिसे बीते दो दशक में विभिन्न अखबरों और पत्रिकाओं के लिए लिखा गया था। इसका प्रकाशन हार्पर्रकॉलिंस ने किया है। लेखक कहते हैं, गपशप करने की भारतीयों की क्षमता में मैंने असहमति और समाज विज्ञान की शक्ति को पहचाना है। और अचानक मुझे लगा कि मेरे समाज विज्ञान को भी गपशप से भरपूर होना चाहिए। मेरी यह किताब इसी बारे में है। यह किताब हाल ही में लांच हुई है। लेखक के मुताबिक आपातकाल जैसे कठिन दौर का सर्वश्रेष्ठ विश्लेषण उस समय बसों में यात्रा करने वाले आम लोगों के जरिए सुना जा सकता था। यह बुक अब आॅनलाइन बुक्स (online Books) स्टोर पर भी उपलब्ध है। 

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