महिलाओं के पेशेवर विकास का राह दिखाती किताब

नई दिल्ली। पेशेवर महिलाओं के विकास के मंच ‘चाय पे’ की संस्थापक अंजू जैन की ‘स्टेप अप’ नामक किताब (Book) इस बात से पर्दा उठाती है कि आखिर क्यों घरऔर दफ्तर दोनों ही जगह लैंगिक भेदभाव एक मुद्दा बना हुआ है और कैसे उसे बदला जा सकता है। यह किताब सफल बनने के लिए महिलाओं को आसान गुर बताती है। लेखिका अंजू जैन के अनुसार संगठनों के नेतृत्व में प्रतिबद्धता की कमी है जिसके कारण वहां महिलाओं कम संख्या में हैं। उन्होंने कहा, आप इस बात से सहमत होंगे कि यह कोई शीर्ष नेता ही होता है जो सत्ता में बैठा होता है, जो संगठन के बाकी लोगों के लिए दिशा तय कर सकता है, जिसपर बाकी अमल करेंगे। जब नेतृत्व कुछ चाहता है तो चमत्कारिक रूप से यह सभी के लिए आवश्यक हो जाता है और सारी चीजें व्यवस्थित हो जाती हैं। मानवशास्त्र और समाज विज्ञान जैसे विषयों में हाथ आजमा चुकीं और फिलहाल एक कारोबारी पेशेवर के तौर पर कार्यरत विकास मनोविज्ञानी की हैसियत से वह कहती हैं कि महिला नेतृत्व की प्रासंगिकता पर वह विचार करती हैं क्योंकि महिलाएं इसी तरह के परिवेश में रच बस गई हैं। पेंगुइन रैंडम हाउस से प्रकाशित इस किताब में वह लिखती हैं, ह्यआप इस बात से सहमत हो सकते हैं कि हम महिलाओं की परवरिश, उनके परिवार और सामाजिक परिस्थितियों के कारण उन्हें अलग थलग नहीं कर सकते हैं।

No comments:

Theme images by sndr. Powered by Blogger.