मुगल सम्राट अकबर के जीवन पर प्रकाश डालता शाजी जमां का नया उपन्यास

नई दिल्ली। महान मुगल सम्राट पर एक नया उपन्यास सामने आया है जिसे पत्रकार से लेखक बने शाजी जमां ने 20 वर्षों तक अनुसंधान करने के बाद लिखा है। लेखक का मानना है धर्म के साथ अपने समीकरण को फिर से परिभाषित करने का अकबर का प्रयास गहराई से अध्ययन करने योग्य है। जमां ने कहा, मुझे लगता है कि अकबर उन सभी समाजों के लिए प्रासंगिक हैं जिसमें विभिन्न प्रकार की विचारधाराओं और संप्रदायों का वास है। मैं 21वीं सदी में रह रहा हूं ओर मुझे लगता है कि उनका जीवन और उनके विचार आज भी बहुत प्रासंगिक हैं। लेखक ने कहा कि जिस तरह से अकबर ने विभिन्न विचारधाराओं के बीच संतुलन बिठाया था वह ‘प्रेरणादायक’ है। जमां ने कहा, उन्होंने अपने ‘इबादतखाना’ में सभी धर्मों के लिए एक समान मंच का निर्माण कराया था और लोगों के अपनी बात रखने के अधिकार की रक्षा की थी। उन्होंने कहा, धर्म के साथ अपने समीकरण को फिर से परिभाषित करने का अकबर का प्रयास गहराई से अध्ययन करने योग्य है। वह एक ऐसा राजा था जो धर्म का अभिप्राय समझने की कोशिश कर रहा था और जो आध्यात्मिक क्षेत्र में अपने लिए एक जगह तलाश करने की कोशिश कर रहा था। राजकमल प्रकाशन ने ‘अकबर’ नाम की इस किताब (Books)  को हिंदी में प्रकाशित किया है। लॉचिंग के बाद यह किताब सभी आॅनलाइन बुक्स स्टोर (Online Bookstore) पर उपलब्ध है।  

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